मैं हूं एक डॉक्टर
डाॅक्टर का डाॅक्टर होना इतना भी आसान नहीं इस दर्जे की खातिर मैंने अपना बचपन खोया है, मैं वो हूँ जो बचपन से एक एक नंबर को रोया हूं, अब तक बेहिसाब दिन गए, उतनी ही रातें काली हुईं कभी किताब पर तो कभी इमरजेंसी टेबल पर मैं सोया हूं आज भी परीक्षाओं की लड़ी लगी है, ये मेरा रुझान नहीं डाॅक्टर का डाॅक्टर होना इतना भी आसान नहीं कब बीत गई होली मेरी, जाने कब दिवाली गई, आए कितने ही रक्षाबंधन , और मेरी कलाई खाली गई। खूबसूरत जिंदगी को दाव पर लगा कर , मैं बिल्कुल भी परेशान नहीं , डाॅक्टर का डाॅक्टर होना इतना भी आसान नहीं। मैनें क्रिकेट का बैट छोड़़ दिया और टीवी भी त्याग दिया, इस सफेद एप्रन की खातिर मैंने जैकेट-कोट बिसार दिया, मेरा कोई संडे नहीं, छुट्टी की तो ख्वाहिश ही नहीं, सर्दी का कोहरा मेरे लिए नहीं, मेरे लिये बारिश तूफान नहीं परिवार से बात करने का भी मेरे पास टाइम नहीं, अपने ऊपर गर्व है मुझको, इन सबका कोई गुमान नहीं डाॅक्टर का डाॅक्टर होना इतना भी आसान नहीं जाने कितने लोग मैंने गहरी 'नींद' से जगा दिए, अब तक जाने कितने मर्ज़ इस दुनिया से भगा दिए, उम्मीद...